Train Me Mili Pooja Bhabhi Ki Chudai

हेल्लो दोस्तो, जैसा कि आप जानते ही है मेरा नाम रोहित है और मैं जयपुर में रहता हूं और मैं चुदाई का कितना बड़ा शौकीन हूँ तो दोस्तो अब आप लोगो को और बोर न करते हुए कहानी पर आता हूं उससे पहले मैं आप लोगो को बता दु ये मेरी रियल कहानी है.

ये बात आज से करीब 3 साल पहले की है जब मैं जॉब की तलाश में इधर उधर भटक रहा था और कोई जॉब नही मिल रही थी. एक दिन मेरे पास मुम्बई की एक कंपनी से कॉल आयी.

उन्होंने बताया कि आपने जो जॉब के लिए आवेदन किया था उसमें आप की जॉब लग गयी आप को 2 दीन बाद मुम्बई आना होगा. उन्होंने कंपनी का पूरा पता मेरे नंबर पर सेंड कर दिया. मैंने तुरंत जयपुर से मुम्बई के लिये फर्स्ट ऎसी के दो टिकट बुक करा दिया क्योंकि सफर लंबा था इसलिए मैं सुकून से जाना चाहता था.

मैं समय से पहले स्टेशन पर आ गया ट्रैन शाम के समय थी. तो मैं वेटिंग रूम में आकर ट्रैन का इंतजार करने लगा. उस रूम में मेरे अलावा एक परिवार और था जिसमे एक आदमी और एक औरत और एक छोटा बच्चा था.

सबसे पहले मेरी नजर उस औरत पर पड़ी. उसकी उम्र करीब 29 के आस पास होगी उसने पिंक कलर की साड़ी पहन रखी थी. जसमे वो काफी सेक्सी लग रही थी वो ठीक मेरे सामने बैठी थी और कोई बुक पढ़ रही थी.

जिस कारण उसकी साड़ी का पल्लू बार बार उसके सीने से नीचे गिर जाए रहा था और ब्लाउज़ का गला बड़ा होने के कारण मुझको उसके बूब्स दिख रहे थे. जिनको देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और पेंट से बाहर आने को बेताब होने लगा.

मैंने खुद पर कंट्रोल किया और मैं सिर्फ उस भाभी को देखता रहा. उसकी लंबी और गोल गोल आंखे उसके गुलाबी होठ उसके लाल लाल गाल और उसके मोटे मोठे बूब्स हर किसी को पागल कर सकते थे.

मेरा मन तो अब बस ये सोच रहा था कि काश इस भाभी की चुदाई का एक बार मौका मिल जाये. ये सोचते सोचते मेरी ट्रैन आ गयी और मैं बेमन के ट्रैन में अपनी सीट पर आकर बैठ गया.

थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि वही भाभी मेरे सामने वाली सीट पर आकर बैठ गयी. मेरे तो दिल की धड़कने तेज हो गयी और मैं उनको ही देखता रहा थोड़ी देर बाद हमारी ट्रेन चल दी और हम लोगो मे आपस मे बाते होने लगी.

तो भाभी के हस्बैंड ने बताया कि पूजा के पापा की तबियत खराब है हम लोग उन्ही को देखने जा रहे है. तब मुझको पता चला कि उस भाभी का नाम पूजा है धीरे धीरे हुम् लोग आपस मे काफी घुल मिल गए.

ऐसे ही बातों बातो में वो मेरी दूर की रिश्तेदार निकले और वो रिश्ते में मेरी भाभी निकली. मैने सोचा कि अब इनके घर आना जाना करूँगा लेकिन मुझको क्या पता था कि आगे मेरी किस्मत में क्या है. यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है!

रात को हम लोगो ने साथ खाना खाया और फिर हम सोने के लिए लेट गए. पूजा भाभी मेरे सामने वाली सीट पर लेट गयी और उनके हस्बैंड ऊपर वाली सीट पर लेट गए. हमने अपनी बर्थ के गेट बंद कर लिए.

जब पूजा भाभी मेरे सामने लेती तो मैं तो उसको ही देख रहा था. जब वो सो गई तब उसकी साड़ी का पल्लू उसके सीने से हटकर नीचे गिर गया. जिस कारण उसके बूब्स मुझको दिखने लगे और उसकी साड़ी उसकी नाभि से 4 इंच नीचे बंधी थी. जिस कारण उसका चिकना पेट बिल्कुल साफ दिख रहा था.

उसकी नाभी के पास जो टिल था वो उसकी नाभी को और ज्यादा सेक्सी बना रहा था. अचनाक उसने अपनी एक टांग मोड़ ली जिससे उसकी साड़ी ऊपर घुटनो तक हो गयी और उसकी नंगी और चिकनी टंगे एक दुम साफ दिख रही थी.

मेरा मन कर रहा था कि मैं अभी पूजा भाभी की चूत में अपना लंड डाल दु और तब तक चोदू जब तक मेरा मन ना भर जाए. मन कर रहा था कि पूजा के बूब्स के बीच मे लंड डाल कर उसके मुंह मे अपना माल निकल दु.

ये सब देखकर और सोच कर मेरा लंड पेंट को फाड़ कर बाहर आने को तड़प रहा था. मैंने धीरे से अपना लंड पेंट से बाहर निकला और मुठ मारने लगा और अपने लंड का माल उसके साड़ी के पल्लू पर निकल दिया.

थोड़ी देर बाद पूजा के हस्बैंड का फ़ोन बोला, उसने फ़ोन उठाया और बोला कि मैं बस एक घंटे में आ जाऊंगा इसी बीच पूजा की भी नींद खुल गयी और वो पुछने लगी कि क्या हुआ. तो उन्होंने बताया कि मेरे आफिस से फ़ोन आया था मुझको आफिस जाना होगा.

तो पूजा बोली कि मैं भी वापस चलूंगी, पर उसके हस्बैंड ने मना किया लेकिन वो नही मानी. काफी देर बाद वो मान गयी और उसका हस्बैंड मुझसे बोलै की पूजा का खयाल रखना. मैंने कहा ठीक है और अगले स्टेशन पर उसका हस्बैंड ट्रैन से उतार गया अब बर्थ में सिर्फ मैं पूजा और उसका बच्चा था.

मैंने बर्थ का गेट बंद किया और फिर पूजा सो गई मैंने सोचा कि मौका अच्छा है और इतना सोच कर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया और मेरे अदर का शैतान जाग गया और मैं अपनी सीट से उठा पूजा गहरी नींद में सो रही थी.

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